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रविवार, 20 सितंबर 2026

एक गीत -खुश रहो बालमन मुस्कराते रहो

 

चित्र साभार गूगल 

एक गीत -फूल बनकर चमन को सजाते रहो 


फूल बनकर 

चमन को सजाते रहो.

खुश रहो बालमन 

मुस्कराते रहो.


माँ -पिता और गुरु की 

करो वंदना,

विश्व मंगल की ख़ातिर 

करो प्रार्थना,

ज्ञान का दीप 

हर दिन जलाते रहो.


इस चमन के 

कई रूप हैँ रंग हैँ,

प्रेम सद्भाव से 

हम सभी संग हैं,

राष्ट्र की कीर्ति 

हर दिन बढ़ाते रहो.


पंथ अपना कोई हो 

कोई पर्व हो,

काम ऐसा करो 

देश को गर्व हो,

प्रेम और शांति का 

गीत गाते रहो.


इस गगन में 

परिंदो सा उड़ते रहो,

राह मुश्किल हो 

कितनी भी बढ़ते रहो,

सूर्य बनकर 

कुहासा हटाते रहो.

चित्र साभार गूगल 


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