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गुरुवार, 28 मई 2026

एक भजन -प्रभु जगन्नाथ जी

 

प्रभु श्री जगन्नाथ जी 


 

प्रभु जगन्नाथ जी बलराम जी देवी सुभद्रा जी 


प्रभु जगन्नाथ जी 

एक भक्ति गीत -हे जगन्नाथ भगवान 


वृंदावन के मुरलीधर 

हे जगन्नाथ भगवान.

महाभोग की महिमा गाते 

भक्त और भगवान.


बहन सुभद्रा, बलदाऊ के 

रथ की शोभा न्यारी,

स्वयं अलग रथ पर बैठे हैं 

प्रभु पीतांबर धारी,

माँ लक्ष्मी प्रभु के भक्तों को 

देती हैं वरदान.


इंद्रद्युम्न गुंडीचा विद्यापति 

पर कृपा तुम्हारी,

नील ज्योति से नीलाँचल की 

धरती जगमग सारी,

द्वार तुम्हारे पहरा देते 

रामभक्त हनुमान.


फूल गूंथती बेला 

कर्माबाई भोग लगाती,

प्रभु साक्षी गोपाल कथा को 

हर दिन पुरी सुनाती,

जब जब माधवदास बुलाते 

आते हैं भगवान.


विश्व रूप से अनुपम नाता 

तुम भक्तों के मोक्ष प्रदाता 

निलांचल की नील ज्योति में 

दास निमाई भजन सुनाता 

तेरी महिमा गाते रहते 

हर युग वेद पुरान.


जो छवि भक्तों के मन भाये 

प्रभु भी वही दिखाते 

भक्त शिरोमणि तुलसी केवल 

सियाराम को गाते,

बहुत अधिक मुश्किल है 

प्रभु की महिमा का गुणगान.


कवि /गीतकार 

जयकृष्ण राय तुषार 

सभी चित्र साभार गूगल 


जगन्नाथ जी मंदिर पुरी