राष्ट्र धर्म और उसके समस्त सम्पादक मंडल के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ सबसे अधिक राष्ट्र धर्म के निदेशक परम श्रद्धेय आदरणीय श्री मनोजकांत जी के प्रति हृदय से आभार जिनके आशीष से तीन गीत प्रकाशित हैं. यह जुलाई अंक 2026 है. अभिभूत हूँ
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| राष्ट्र धर्म |
हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल
राष्ट्र धर्म और उसके समस्त सम्पादक मंडल के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ सबसे अधिक राष्ट्र धर्म के निदेशक परम श्रद्धेय आदरणीय श्री मनोजकांत जी के प्रति हृदय से आभार जिनके आशीष से तीन गीत प्रकाशित हैं. यह जुलाई अंक 2026 है. अभिभूत हूँ
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| राष्ट्र धर्म |
पुरी यात्रा दिनांक 7 जून को पुरुषोत्तम मास में पुरुषोत्तम ट्रेन से प्रारम्भ हुई 8 जून को तेज बारिश में भींगकर भगवान जगन्नाथ जी की कृपा से दर्शन हुआ. बेड़ी हनुमान जी,गुंडीचा देवी,जगन्नाथ जी की ससुराल,बलिया पांडा बीच, कोणार्क, लिंगराज मंदिर, चंद्रभागा बीच पुरी बीच का आनंद लिए. 8 जून को वैवाहिक वर्षगांठ थी. सबसे अनूठी मुलाक़ात सहृदय व्यक्तित्व के अधिकारी और लेखक आदरणीय परमेश्वर फुंकवाल सर और उनकी श्रीमती जी से हुई. काफ़ी सम्मान मिला सर रेलवे पूर्वी तट के महाप्रबंधक पद पर भुवनेश्वर में तैनात हैं. 11 जून को वापसी टिकट वेटिंग लिस्ट था लेकिन आदरणीय परमेश्वर फुंकवाल सर के सहयोग से यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न हुई. इस यात्रा में सम्मानीय मेंबर (न्यायिक) एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल(C. A. T.) आदरणीय श्री रजनीश कुमार राय जी का सहयोग भी अप्रतिम रहा.इस धार्मिक यात्रा में मेरी पत्नी श्रीमती मंजुला राय और बेटी सौम्या राय साथ थी.जय जगन्नाथ जी.
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| जगन्नाथ जी पुरी |
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| चंद्रभागा बीच |
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| कोणार्क मंदिर |
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| लिंगराज मंदिर |
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| भुवनेश्वर महाप्रबंधक पूर्वी तट रेलवे आदरणीय श्री परमेश्वर फुंकवाल जी और मैं साथ में मिसेज़ फुंकवाल और मेरी पत्नी श्रीमती मंजुला राय पुस्तक भेंट |
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| चित्र साभार गूगल |
एक गीत -अपने मन के वृंदावन में
तुम भी मुझको
याद न आना
मैं भी याद न आऊँगा.
अपने मन के
वृन्दावन में
वंशी लेकर गाऊँगा.
मैंने लिखी
विरह की बातें
तुम कहते हो प्रेम गीत है,
राधा कृष्ण के
प्रेम भाव को लिखना
सबसे कठिन मीत है,
मीराबाई, सूरदास की
वाणी
कैसे लाऊँगा.
हर कदम्ब
हर यमुना तट को
गोपी ग्वाल नहीं मिलते,
जल तो
सारी नदियों में है
सबमें कमल नहीं खिलते,
मन्दिर हो
या हो पगडंडी
सबमें दीप जलाऊँगा.
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| चित्र साभार गूगल |
कवि गीत कार
जयकृष्ण राय तुषार
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| चित्र साभार गूगल |
एक गीत -फिर से प्यारा मौसम होगा
फिर से प्यारा
मौसम होगा
फूलों से बतियाएंगे.
भींगे पंखों
वाले पंछी
पत्तों से टकराएंगे.
धान रोपते
खेतों में फिर
पायल छन छन बोलेगी,
ठंडी ठंडी पुरवा
फिर यादों की
खिड़की खोलेगी,
प्यासे पर्वत
झरनों का जल
पीकर गीत सुनाएंगे.
मेहंदी, मौसम
कजली की फिर
बातें होंगी गलियों में,
आने वाली खुशबू
छिपकर बैठी
होगी कलियों में,
मेघों जैसे
जुड़े खुलकर
दरपन से बतियाएंगे.
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| चित्र साभार गूगल |
कवि -जयकृष्ण राय तुषार
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| प्रभु श्री जगन्नाथ जी |
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| प्रभु जगन्नाथ जी बलराम जी देवी सुभद्रा जी |
प्रभु जगन्नाथ जी
एक भक्ति गीत -हे जगन्नाथ भगवान
वृंदावन के मुरलीधर
हे जगन्नाथ भगवान.
महाभोग की महिमा गाते
भक्त और भगवान.
बहन सुभद्रा, बलदाऊ के
रथ की शोभा न्यारी,
स्वयं अलग रथ पर बैठे हैं
प्रभु पीतांबर धारी,
माँ लक्ष्मी प्रभु के भक्तों को
देती हैं वरदान.
इंद्रद्युम्न गुंडीचा विद्यापति
पर कृपा तुम्हारी,
नील ज्योति से नीलाँचल की
धरती जगमग सारी,
द्वार तुम्हारे पहरा देते
रामभक्त हनुमान.
फूल गूंथती बेला
कर्माबाई भोग लगाती,
प्रभु साक्षी गोपाल कथा को
हर दिन पुरी सुनाती,
जब जब माधवदास बुलाते
आते हैं भगवान.
विश्व रूप पर कृपा तुम्हारी
हे प्रभु मोक्ष प्रदाता
तेरी ही लीला से
दास निमाई भजन सुनाता
तेरी महिमा गाते रहते
हर युग वेद पुरान.
जो छवि भक्तों के मन भाये
प्रभु भी वही दिखाते
भक्त शिरोमणि तुलसी केवल
सियाराम को गाते,
बहुत अधिक मुश्किल है
प्रभु की महिमा का गुणगान.
कवि /गीतकार
जयकृष्ण राय तुषार
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| सभी चित्र साभार गूगल |
जगन्नाथ जी मंदिर पुरी
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| चित्र साभार गूगल |
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| भारत माता चित्र साभार गूगल |
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| चित्र साभार गूगल |
दुनिया को युद्ध से बचाना
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| चित्र साभार गूगल |
आज प्रयागराज स्थित विकास भवन जाकर होनहार I. A. S. सहज सरल मृदुभाषी अधिकारी सुश्री हर्षिका सिंह से मिलकर अपना ग़ज़ल संग्रह भेंट किए. हर्षिका जी इंजिनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं. आप सभी का दिन शुभ हो.
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| सुश्री हर्षिका सिंह I. A. S मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज को पुस्तक भेंट |
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| मुख्य विकास अधिकारी प्रयागराज सुश्री हर्षिका सिंह I. A. S |
अद्भुत क्षण महान भजन गायक आदरणीय श्री अनूप जलोटा जी मेरी किताब पढ़ते हुए. और प्रसंशा करते हुए आदरणीया श्रीमती दीप्ती चतुर्वेदी जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ हूँ जिनकी कृपा मुझ पर रहती है. आप सभी का दिन शुभ हो
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| पद्मश्री अनूप जलोटा जी मेरा ग़ज़ल संग्रह पढ़ते हुए |
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| यह तसवीर 26-03-3026 को होटल यात्रिक प्रयागराज में ली गयी है |
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| कवि जयकृष्ण राय तुषार |
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| चित्र -साभार गूगल |
एक गीत -
टोकरी भरकर गुलाबी फूल लाऊँगा