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गुरुवार, 10 सितंबर 2026

एक पुराना गीत -वह देश बड़ा हो जाता है

 

 

चित्र गूगल से साभार


चित्र -गूगल से साभार 
चित्र -गूगल से साभार 




कोई भी देश मात्र अपनी भौगोलिक सीमाओं ,नदियों ,विशाल पर्वतों से बड़ा नहीं होता बड़ा होता है वह अपनी समरसता विविधता से बड़ा होता है सर्वधर्म समभाव से ,बड़ा होता है वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से ,बड़ा होता है अपनी कला और संस्कृति से ,बड़ा होता है अपनी अच्छी परम्पराओं से ,लोकरंगों से ,बड़ा होता है सबको साथ लेकर चलने से |भारत भी ऐसा एक विविध रंगों वाला देश है जो सदियों से अतिथि प्रेमी रहा है |यहाँ विविधता है और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है |जय हिन्द जय भारत |
एक गीत -
वह देश बड़ा हो जाता है

सब धर्म जहाँ 
मिलकर रहते 
वह देश बड़ा हो जाता है |
जिसकी मिटटी 
में कई रंग 
समझो वह भारत माता है |

जिसके होठों पर 
हिंदी संग उर्दू 
बांग्ला गुजराती है ,
जो तमिल ,तेलगू ,
मलयालम ,
कन्नड़ में गीत सुनाती है ,
उत्तर -पूरब 
का लोकरंग 
सबकी आँखों को भाता है |

चकबस्त ,फ़िराक 
जहाँ उर्दू के 
शायर  माने जाते हैं ,
जिसमें नज़ीर 
रसखान कृष्ण की 
लीलाओं को गाते हैं ,
कुछ है इसमें 
जहाँ   मार्क टुली भी 
आकर  के बस जाता है |

यह ताना -बाना 
बना रहे सब 
मिलकर यही दुआ करना ,
इसके सांचे में 
चुन- चुनकर 
जितना सम्भव हो रंग भरना ,
हो मिलन प्रेम का 
जहाँ क्षितिज पर 
इन्दधनुष बन जाता है |


चित्र -गूगल से साभार

मंगलवार, 8 सितंबर 2026

प्रयागराज पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया जी को पुस्तक भेंट

 प्रयागराज पुलिस आयुक्त आदरणीय श्री पीयूष मोर्डिया जी 

को पुस्तक भेंट 


श्री पीयूष मोर्डिया जी पुलिस आयुक्त 
प्रयागराज 

प्रयागराज के वर्तमान पुलिस कमिश्नर आदरणीय श्री पीयूष मोर्डिंया जी(I. P. S) अपने कर्तव्य के प्रति बेहद सजग हैं. आज पुस्तक भेंट करने गए थे. वर्तमान सी. पी. जितने सख्त हैं उतने ही सरल. आम जनता की समस्याओं को धैर्य पूर्वक सुनकर अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे. वर्तमान पुलिस आयुक्त की कार्यशैली अद्भुत है.पीयूष मोर्डिया सर से मिलकर सुखद अनुभूति हुई. आपको बधाई और शुभकामनायें.

श्री पीयूष मोर्डिया जी 
पुलिस आयुक्त प्रयागराज 


शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

एक गीत -जहाँ पर कृष्ण रूप में राम

सभी चित्र साभार गूगल 


 



एक आस्था का गीत -
जहाँ सबसे सुन्दर रंग श्याम  

जहाँ वंशी गूँजे हर शाम |
किशोरी जी का जो छवि धाम 
जहाँ पर कृष्ण रूप में राम !
वही है वृन्दावन का धाम |

जहाँ भगवान भक्त के दास 
सूर ,वल्लभ ,स्वामी हरिदास ,
जहाँ राजा से रंक का मेल 
सुदामा कृष्ण का सुंदर खेल ,
जहाँ यमुना का क्रीड़ाधाम 
वही है वृन्दावन का धाम |

जहाँ बस प्रेम है द्वेष न राग 
जहाँ हर मौसम होली ,फाग ,
जहाँ फूलों में इत्र सुवास 
जहाँ उद्धव जी का परिहास ,
जहाँ संतो का सुख हरिनाम 
वही है वृन्दावन का धाम |

जहाँ गीता का अमृत पान 
गोपियों का नर्तन -मधु गान ,
जहाँ मिट जाते दुःख -संताप 
पुण्य का उदय ,अस्त हो पाप ,
है जिसके वश में माया ,काम 
वही है वृंदावन का धाम |

जहाँ गिरि गोवर्धन का मान 
इन्द्र का टूटा था अभिमान ,
जहाँ गायों का पालनहार 
जहाँ भक्तों के मोक्ष का द्वार 
जहाँ सबसे सुन्दर रंग श्याम
वही है वृन्दावन का धाम |


कवि -जयकृष्ण राय तुषार 


सभी चित्र -साभार गूगल