सुनहरी कलम से
हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल
गुरुवार, 26 दिसंबर 2024
ग़ज़ल -दर्द किनारों के साथ थे
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चित्र साभार गूगल भौँरे, तितलियाँ, फूल बहारों के साथ थे सड़कों पे चंद लोग ही नारों के साथ थे नदियों में पाप धोके सभी घर चले गए सारे कटाव...
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गुरुवार, 19 दिसंबर 2024
एक ग़ज़ल -सभी के पाँव के घुँघरू बजे तो टूट गए
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चित्र साभार गूगल दिए बुझाती रही हैं सभी दिशाएं यहाँ उजाले किसकी अदालत में सच बताएँ यहाँ पढ़े लिखे भी यहाँ उलजुलूल बोल रहे बिना तमीज़ के ...
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शनिवार, 7 दिसंबर 2024
एक मुलाक़ात -श्री विजय किरण आनंद मेलाधिकारी कुम्भ
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मेलाधिकारी महाकुम्भ श्री विजय किरण आनंद मेलाधिकारी कुम्भ श्री विजय किरण आनंद जी को फ्रेम किया कुम्भ गीत और कुछ पुस्तकें भेंट किया. मुलाक़ा...
शुक्रवार, 22 नवंबर 2024
एक ग़ज़ल -आगाज़ नए साल का भगवान नया हो
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चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल -आगाज़ नए साल का भगवान नया हो मौसम की कहानी नई उनवान नया हो आगाज़ नए साल का भगवान नया हो फूलों पे तितलियाँ हों ब...
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बुधवार, 20 नवंबर 2024
एक ग़ज़ल -सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती है
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चित्र -साभार गूगल एक ग़ज़ल- सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती है गले में क्रॉस पहने है मगर चन्दन लगाती है सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती ...
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शनिवार, 16 नवंबर 2024
हिंदी ग़ज़ल का अक्षर पथ -एक आलोचनात्मक किताब
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डॉ नित्यानंद श्रीवास्तव हिंदी ग़ज़ल पर आलोचना की महत्वपूर्ण किताब हिंदी का अक्षर पथ - लेखक डॉ नित्यानंद श्रीवास्तव अभी अभी डाक से हिंदी ग़...
मंगलवार, 12 नवंबर 2024
एक ग़ज़ल -हर खिड़की में धूप -चाँदनी
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चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल -हर खिड़की में धूप -चाँदनी शाम को दादी किस्से कई सुनाती है बच्चों को भी सोनपरी ही भाती है अपनी -अपनी नज़रों से स...
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सोमवार, 11 नवंबर 2024
एक ग़ज़ल -चिड़िया कभी गाती नहीं
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चित्र साभार गूगल चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल -बाज़ से डरती अगर चिड़िया सीखने संगीत विद्यालय कभी जाती नहीं बाज़ से डरती अगर चिड़िया कभी गाती नह...
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शनिवार, 9 नवंबर 2024
ग़ज़ल -होंठ को सिलते -सिलते
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चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल -चाँदनी, धूपमें, बारिश में चाँदनी, धूप में, बारिश में यूँ खिलते -खिलते शाख से फूल बिछड़ जायेंगे मिलते -मिलते सि...
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शुक्रवार, 8 नवंबर 2024
ग़ज़ल -तुम्हें मन की नज़र से देखते हैं
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चित्र साभार गूगल ये मत पूछो किधर से देखते हैं तुम्हें मन की नज़र से देखते हैं ये मौसम देखकर खुश हैं परिंदे फले फूले शज़र से देखते हैं स...
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