सुनहरी कलम से

हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल

बुधवार, 7 जून 2023

एक गीत -गीत निराला के प्रयाग का गंगाजल है

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चित्र साभार गूगल  एक ताज़ा गीत  गीत निराला के प्रयाग का गंगाजल है गीत वही जो प्यासी - ऋतु को सावन कर दे. गंधहीन फूलों में थोड़ी खुशबू भर दे. ग...
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शुक्रवार, 19 मई 2023

एक गीत -बंजारन बाँसुरी बजाना

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  चित्र साभार गूगल  एक गीत -बंजारन बाँसुरी बजाना  मद्धम सुर हो या हो पंचम  बंजारन  बाँसुरी बजाती जा. राजा अब गीत कहाँ सुनता तू अपनी बस्ती मे...
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शनिवार, 4 मार्च 2023

माननीय न्यायधीश उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल

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माननीय न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल जी  माननीय न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल जी 
सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

पद्मश्री शोभना नारायण जी से एक आत्मीय मुलाक़ात

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पद्मश्री शोभना नारायण जी को पुस्तक भेंट करते हुए साथ में प्रयागराज संग्रहालय के निदेशक श्री राजेश प्रसाद  श्री राजेश प्रसाद जी निदेशक संग्रह...
सोमवार, 25 जुलाई 2022

एक देशगान -फूल चढ़ाओ भारत माता को

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भारत माता  एक गीत -बलिदान करोड़ों वीरों का राजघाट से पहले फूल चढ़ाओ भारत माता को. फिर कोई भी फूल चढ़ाओ संविधान निर्माता को. आज़ादी में एक नहीँ ब...
गुरुवार, 14 जुलाई 2022

एक गीत -तैरती जलज्योति

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निराला  बैसवारे की मिट्टी में विख्यात कवि लेखक संपादक हुए हैं जिनमें निराला, रामविलास शर्मा, रसखान, नूर, मुल्ला दाऊद रमई काका, शिव मंगल सिंह...
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शुक्रवार, 8 जुलाई 2022

एक गीत -डॉ शिवबहादुर सिंह भदौरिया

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  [स्मृतिशेष ]कवि -डॉ ० शिव बहादुर सिंह भदौरिया  एक गीत -कवि डॉ ० शिवबहादुर सिंह भदौरिया परिचय -डॉ 0शिवबाहादुर सिंह भदौरिया  बैसवारे की मिट्...
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रविवार, 15 मई 2022

दो गज़लें -शाम को कोई तो जगजीत सा गाता है यहाँ

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चित्र साभार गूगल स्मृतिशेष जगजीत सिंह  एक ग़ज़ल - शाम  को कोई तो जगजीत सा गाता है यहाँ आदमी  रंग का सपना लिए आता है यहाँ ये तो बाज़ार है हर रंग...
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एक गीत -राजा से मांगो मत काम कोई

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चित्र साभार गूगल  एक गीत -मोक्ष कहाँ देता है धाम कोई सबको सिंहासन ही चाहिए पर साथी कहना मत काम कोई। मौसम के हरकारे झूठे चुप रहते गर्मी,बरसात...
शुक्रवार, 13 मई 2022

एक गीत -संविधान में कहाँ लिखा है?

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  श्रीराम  एक गीत -संविधान में कहाँ लिखा और ? संविधान में कहाँ लिखा है राष्ट्रपिता का काम । राष्ट्रपिता हो सकते केवल कृष्ण,भरत या राम । राष्...
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जयकृष्ण राय तुषार
कवि नाम जयकृष्ण राय तुषार अधिवक्ता उच्च न्यायालय | जन्म स्थान -पसिका आज़मगढ़ ,उत्तर प्रदेश |सम्प्रति निवास -प्रयागराज | ग़ज़ल संग्रह -सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती है *लोकभारती से प्रकाशित.देश की सुप्रसिद्ध पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में कविताओं का प्रकाशन | प्रथम गीत संग्रह -सदी को सुन रहा हूँ मैं ,दूसरा गीत संग्रह '"कुछ फूलों के कुछ मौसम के" उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से पुरस्कृत बलवीर सिंह रंग सर्जना पुरस्कार 2017. मेड़ों पर वसंत तीसरा नवगीत संग्रह प्रकाशन वर्ष 2021.
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