सुनहरी कलम से

हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2024

एक दार्शनिक गीत -इस चिड़िया के उड़ जाने पर

›
चित्र साभार गूगल  एक गीत -इस चिड़िया के उड़ जाने पर इस चिड़िया के उड़ जाने पर जंगल कुछ दिन मौन रहेगा. धूप -छाँह, बारिश मौसम के इतने किस्से कौन क...
4 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 22 सितंबर 2023

एक ग़ज़ल -यही हिमालय तिरंगा ये हरसिंगार रहे

›
  तिरंगा -जय हिन्द जय भारत वन्देमातरम  एक पुरानी ग़ज़ल  एक ग़ज़ल देश के नाम - कहीं से लौट के आऊँ तुझी से प्यार रहे  हवा ,ये फूल ,ये खुशबू ,यही ग...
मंगलवार, 19 सितंबर 2023

एक सहृदय मुलाक़ात -डॉ. अजय कुमार मिश्र महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश से

›
महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश डॉ. अजय कुमार मिश्र को स्वामी योगानंद जी की पुस्तक भेंट करते हुए  उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता डॉ. अजय कुमार मिश्र जी,...
बुधवार, 6 सितंबर 2023

एक गीत -जहाँ सबसे सुन्दर रंग श्याम

›
    एक आस्था का गीत - जहाँ सबसे सुन्दर रंग श्याम   जहाँ वंशी गूँजे हर शाम | किशोरी जी का जो छवि धाम  जहाँ पर कृष्ण रूप में राम ! वही है वृन्...
सोमवार, 4 सितंबर 2023

›
एक गीत -और कमल का फूल रहे माननीय यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी  माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी  एक गीत -और कमल का फूल ...
सोमवार, 14 अगस्त 2023

पुस्तक भेंट

›
माननीय न्यायमूर्ति श्री सौरभ श्याम शमशेरी जी को स्वामी योगानंद जी की जीवनी भेंट करते हुए  माननीय न्यायमूर्ति श्री कृष्ण पहल जी को  पुस्तक भे...
शनिवार, 29 जुलाई 2023

पुस्तक -मेड़ों पर वसंत

›
विशेष सचिव न्याय श्री राधा मोहन श्रीवास्तव जी को मेड़ों पर वसंत भेंट करते हुए  श्री दिवाकर द्विवेदी जी रजिस्ट्रार को गीत संग्रह भेंट करते हुए...
बुधवार, 7 जून 2023

एक गीत -गीत निराला के प्रयाग का गंगाजल है

›
चित्र साभार गूगल  एक ताज़ा गीत  गीत निराला के प्रयाग का गंगाजल है गीत वही जो प्यासी - ऋतु को सावन कर दे. गंधहीन फूलों में थोड़ी खुशबू भर दे. ग...
3 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 19 मई 2023

एक गीत -बंजारन बाँसुरी बजाना

›
  चित्र साभार गूगल  एक गीत -बंजारन बाँसुरी बजाना  मद्धम सुर हो या हो पंचम  बंजारन  बाँसुरी बजाती जा. राजा अब गीत कहाँ सुनता तू अपनी बस्ती मे...
2 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 4 मार्च 2023

माननीय न्यायधीश उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल

›
माननीय न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल जी  माननीय न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय श्री पंकज मित्तल जी 
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
मेरी फ़ोटो
जयकृष्ण राय तुषार
कवि नाम जयकृष्ण राय तुषार अधिवक्ता उच्च न्यायालय | जन्म स्थान -पसिका आज़मगढ़ ,उत्तर प्रदेश |सम्प्रति निवास -प्रयागराज | ग़ज़ल संग्रह -सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती है *लोकभारती से प्रकाशित.देश की सुप्रसिद्ध पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में कविताओं का प्रकाशन | प्रथम गीत संग्रह -सदी को सुन रहा हूँ मैं ,दूसरा गीत संग्रह '"कुछ फूलों के कुछ मौसम के" उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से पुरस्कृत बलवीर सिंह रंग सर्जना पुरस्कार 2017. मेड़ों पर वसंत तीसरा नवगीत संग्रह प्रकाशन वर्ष 2021.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.