सुनहरी कलम से

हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल

शुक्रवार, 21 जनवरी 2022

एक ग़ज़ल-सब ख़्वाब लिए बैठे यहाँ पाँच सितारा

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  चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल- कुछ रोज़ रहेगा ये तिलस्मी है नज़ारा हर रंग के बैनर यहाँ हर रंग का नारा कुछ रोज़ रहेगा ये तिलस्मी है नज़ारा मझधार में ...
गुरुवार, 20 जनवरी 2022

स्थापना दिवस समारोह-उ0 प्रदेश हिंदी संस्थान

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हिंदी संस्थान स्थापना दिवस पर काव्य पाठ करते हुए   कार्यकारी अध्यक्ष प्रो0 सदानंदप्रसादगुप्त जी द्वारा  अंगवस्त्रम से सम्मानित होते हुए
रविवार, 9 जनवरी 2022

गीत संग्रह-मेड़ों पर वसंत

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  माननीय मुख्य न्यायधीश जम्मू कश्मीर और लद्दाख श्री पंकज मित्तल जी को पुस्तक भेंट करते हुए
सोमवार, 27 दिसंबर 2021

महान विद्वान संत स्वामी जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य श्री रामनरेशाचार्य जी , काशी और माँ गंगा के पुण्य घाट

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  जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य श्री रामनरेशाचार्य जी स्वामी जी को गीत संग्रह भेंट करते हुए मेरी धर्मपत्नी मंजुला राय और मैं नौका विहार
सोमवार, 20 दिसंबर 2021

गीत संग्रह-मेड़ों पर वसन्त

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  श्री विभोर अग्रवाल प्रकाशक साहित्य भंडार ,प्रयागराज मेरे गीत संग्रह के प्रकाशक ऊपर चित्र में साहित्य भंडार के संस्थापक स्मृतिशेष सतीश चंद्...
सोमवार, 6 दिसंबर 2021

मेरा सद्यः प्रकाशित गीत संग्रह-मेड़ों पर वसंत

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  श्री अशोक मेहता पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल डॉ0 उदय प्रताप सिंह  अध्यक्ष हिन्दुस्तानी अकादमी डॉ0 उदय प्रताप सिंह अध्यक्ष हिन्दुस्तानी अका...

मेरा नया गीत संग्रह-मेड़ों पर वसंत

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माननीय डॉ0 अरविंद कुमार शर्मा जी मेड़ों पर वसंत   माननीय उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी एवं पूर्व IAS डॉ0 अरविंद कुमार शर्मा जी   प्रो0 ईश्वर श...
मंगलवार, 12 अक्टूबर 2021

एक गीत -यह पुण्य देवभूमि है | राज्यगीत

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      काशी यह पुण्य देवभूमि है यह पुण्य देवभूमि है यहाँ न कोई क्लेश है । ध्वज लिए विकास का यह अग्रणी प्रदेश है यह उत्तर प्रदेश है, यह उत्तर ...

एक ग़ज़ल-फ़साना ग़ज़ल में था

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  चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल-फ़साना ग़ज़ल में था तन्हाइयों में क़ैद था आँसू भी जल में था ग़म भी तमाम रंग में खिलते कमल में था महफ़िल में सबके दिल को ...
शुक्रवार, 21 मई 2021

एक गीत -मेड़ों पर वसन्त

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  चित्र -साभार गूगल  एक गीत -मेड़ों पर वसन्त  लोकरंग  में वंशी लेकर  गीत सुनाता है | मेड़ों पर  वसन्त का  मौसम स्वप्न सजाता है | सुबह -सुबह उठ...
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जयकृष्ण राय तुषार
कवि नाम जयकृष्ण राय तुषार अधिवक्ता उच्च न्यायालय | जन्म स्थान -पसिका आज़मगढ़ ,उत्तर प्रदेश |सम्प्रति निवास -प्रयागराज | ग़ज़ल संग्रह -सियासत भी इलाहाबाद में संगम नहाती है *लोकभारती से प्रकाशित.देश की सुप्रसिद्ध पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में कविताओं का प्रकाशन | प्रथम गीत संग्रह -सदी को सुन रहा हूँ मैं ,दूसरा गीत संग्रह '"कुछ फूलों के कुछ मौसम के" उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान से पुरस्कृत बलवीर सिंह रंग सर्जना पुरस्कार 2017. मेड़ों पर वसंत तीसरा नवगीत संग्रह प्रकाशन वर्ष 2021.
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