सुनहरी कलम से
हिन्दी गीत /नवगीत /ग़ज़ल
रविवार, 31 जनवरी 2021
एक ग़ज़ल -मगर संगम के लिए जल की त्रिधारा चाहिए
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एक ग़ज़ल - मगर संगम के लिए जल की त्रिधारा चाहिए उसको धरती ,चाँद ,सूरज और सितारा चाहिए मुझको कुछ कागज ,कलम और दोस्त प्यारा चाहिए डूबने ...
बुधवार, 27 जनवरी 2021
एक ग़ज़ल -पूनम की रात चाँद बहुत सादगी में है
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चित्र -साभार गूगल चित्र साभार गूगल एक ग़ज़ल - पूनम की रात चाँद बहुत सादगी में है ये सारा आसमान आज दिल्लगी में है पूनम की रात चाँद बहुत ...
रविवार, 17 जनवरी 2021
एक ग़ज़ल -यह मुल्क सभी का है देखभाल कीजिए
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चित्र -साभार गूगल एक ताज़ा ग़ज़ल - यह देश सभी का है देखभाल कीजिए यह मुल्क सभी का है देखभाल कीजिए हर बात पे मियाँ नहीं हड़ताल कीजिए पहले जब...
शनिवार, 16 जनवरी 2021
एक ताज़ा ग़ज़ल -मगर मतला तुम्हारे हुस्न के दीदार से निकला
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चित्र -साभार गूगल एक ताज़ा ग़ज़ल - मगर मतला तुम्हारे हुस्न के दीदार से निकला महल,परिवार सबकुछ छोड़कर घर-बार से निकला दोबारा बुद्ध बनने कौन फ...
एक ग़ज़ल -खौफ़ मौसम का नहीं अब डर नहीं हिमपात का
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चित्र -साभार गूगल रदीफ़ काफ़िए और मुश्किल विषय पर ग़ज़ल कहना /लिखना कठिन था इसलिए आँख को मजबूरन रखना पड़ा | यह ग़ज़ल देश के शीर्ष नेतृत्व और त...
शनिवार, 1 फ़रवरी 2020
एक गीत -यह जरा सी बात
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चित्र -गूगल से साभार एक गीत -यह जरा सी बात फिर गुलाबी धूप -तीखे मोड़ पर मिलने लगी है | यह जरा सी बात पूरे शहर को खलने लग...
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मंगलवार, 28 जनवरी 2020
एक ताजा गीत-भींग रहे अँजुरी में फूल
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एक गीत-भींग रहे कुरुई में फूल नयनों के खारे जल से भींग रहे अँजुरी में फूल । वासंती पाठ पढ़े मौसम परदेसी राह गया भूल । भ्रमरों के...
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शनिवार, 25 जनवरी 2020
एक ताज़ा ग़ज़ल -यादों के कुछ जुगनू रख लो / कवि शायर श्री पवन कुमार
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शायर /कवि -श्री पवन कुमार [I.A.S.] परिचय - हिंदी में कहें या कहें उर्दू में ग़ज़ल हो ---[जयकृष्ण राय तुषार ] प्रशासन में रहते हुए कु...
सोमवार, 13 जनवरी 2020
एक पुरानी पोस्ट -प्रेम की भूतकथा पर एक परिचर्चा -लेखक श्री विभूतिनारायण राय
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साहित्यिक समाचार उपन्यास ‘ प्रेम की भूतकथा ’ पर गोष्ठी इतिहासरस और किस्सागोई का अदभुत उदाहरण है प्रेम की भूतकथा- दूधनाथ सिंह ...
एक पुरानी पोस्ट -अपने ही ब्लॉग छान्दसिक अनुगायन से -साहित्य समाज के पीछे लंगड़ाता हुआ चल रहा है -रवीन्द्र कालिया
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साहित्य समाज के पीछे लंगड़ाता हुआ चल रहा है - रवीन्द्र कालिया साहित्यिक आयोजन ...
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